आईआईटी-एनआईटी काउंसलिंग

10 लाख 29 हजार 730 रैंक पर मिला एनआईटी

प्रथम राउण्ड का सीट आवंटन जारी, 2 जुलाई तक रिपोर्टिंग करना अनिवार्य
कोटा। देश के कुल 107 कॉलेजों की 43185 सीटों के लिए जोसा द्वारा ज्वाइंट काउंसलिंग जारी है, जिसमें 23 आईआईटी की 12362 सीटों, 31 एनआईटी की 20437 सीटों, 25 ट्रिपलआईटी की 4617 सीटें एवं 28 जीएफटीआई की 5769 सीटें शामिल हैं।

इस ज्वाइंट काउंसलिंग का प्रथम राउण्ड का सीट आवंटन गुरूवार को सुबह 10 बजे जारी कर दिया गया। प्रथम राउण्ड सीट आवंटन में सामान्य वर्ग के लिए आईआईटी की क्लोजिंग रैंक 18626 रही, जो कि आईआईटी धनबाद की 4 वर्षीय माइनिंग इंजीनियरिंग की है। प्रथम राउण्ड में ही 10 लाख 29 हजार 730वीं रैंक वाले विद्यार्थी को एनआईटी का आवंटन हुआ। इस विद्यार्थी को एनआईटी मिजोरम की इलेक्ट्रीकल-इलेक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग ब्रांच होम स्टेट कोटे से मिली। साथ ही ट्रिपल आईटी की क्लोजिंग रैंक 32171 एवं जीएफटीआई की 2 लाख 56 हजार 478 रही।
एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा के अनुसार फीमेल पूल में लड़कियों को सुपरन्यूमेरेरी सीटें 14 से 17 प्रतिशत बढ़ाने पर काफी पीछे की रैंक तक भी आईआईटी का आवंटन हुआ है। विद्यार्थी जिन्हें प्रथम राउण्ड सीट आवंटन में किसी भी कॉलेज का सीट आवंटन हुआ है, उन्हें 28 जून से 2 जुलाई के मध्य बनाए गए देश के 63 रिपोर्टिंग सेंटर पर रिपोर्ट करना होगा। ध्यान देने योग्य बात यह है कि विद्यार्थी जिन्हें प्रथम राउण्ड आवंटन में आईआईटी कॉलेजों का आवंटन हुआ है, उन्हें 18 आईआईटी में बनाए गए रिपोर्टिंग सेंटर पर ही एवं जिन्हें एनआईटी, ट्रिपलआईटी व जीएफटीआई के कॉलेजों का आवंटन हुआ है, उन्हें निर्धारित 45 एनआईटी व अन्य रिपोर्टिंग सेंटर पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट करना होगा। आवश्यक दस्तावेजों की सूची जोसा वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दी गई है। जिन विद्यार्थियों को प्रथम राउण्ड में सीट का आवंटन हुआ है, उन्हें रिपोर्टिंग सेंटर पर रिपोर्ट करना आवश्यक है, अन्यथा वे आगे की काउंसलिंग राउण्ड से बाहर हो जाएंगे।

विद्यार्थियों को रिपोर्टिंग सेंटर पर रिपोर्टिंग करते समय आवश्यक दस्तावेजों के साथ वेबसाइट पर दिए गए अण्डरटेकिंग फार्म को भी भरकर ले जाना होगा। इस अण्डरटेकिंग फार्म में विद्यार्थियों को फ्रीज, फ्लॉट व स्लाइड का विकल्प दिया गया है। यदि विद्यार्थी प्रथम राउण्ड में आवंटित सीट से संतुष्ट है और आगे के राउण्ड की काउंसलिंग में भाग नहीं लेना चाहता है तो फ्रीज विकल्प को चुन सकता है। साथ ही वह विद्यार्थी जो आगे की काउंसलिंग में भी भाग लेना चाहते हैं, उन्हें फ्लॉट एवं स्लाइड का विकल्प चुनना होगा। फ्लॉट विकल्प द्वारा विद्यार्थी को उसकी मिली हुई कॉलेज के ऊपर च्वाइस फिलिंग के दौरान कॉलेज वरीयता सूची में भरी हुई किसी भी कॉलेज की ब्रांच में एवं स्लाइड विकल्प द्वारा विद्यार्थी को उसकी मिली हुई कॉलेज के ऊपर कॉलेज वरीयता सूची में भरी हुई उसी कॉलेज की ब्रांच में जाने का मौका मिलेगा। जिन विद्यार्थियों को प्रथम राउण्ड में कॉलेज का आवंटन नहीं हुआ है, उन्हें किसी भी रिपोर्टिंग सेंटर पर जाने की आवश्यकता नहीं है, उन्हें आगे की काउंसलिंग राउण्ड का इंतजार करना होगा।

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