आईआईटी-एनआईटी काउंसलिंग,प्रथम राउण्ड का सीट आवंटन जारी, 2 जुलाई तक रिपोर्टिंग करना अनिवार्य 

आईआईटी-एनआईटी काउंसलिंग

 देश के कुल 100 कॉलेजों की 37952 सीटों के लिए जोसा द्वारा ज्वाइंट काउंसलिंग जारी है, जिसमें 23 आईआईटी की 11279 सीटों, 31 एनआईटी की 16800 सीटों, 23 ट्रिपलआईटी की 4023 सीटें एवं 23 जीएफटीआई की 4683 सीटें शामिल हैं। इस ज्वाइंट काउंसलिंग का प्रथम राउण्ड का सीट आवंटन बुधवार को सुबह 10 बजे जारी कर दिया गया है। प्रथम राउण्ड सीट आवंटन में सामान्य वर्ग के लिए आईआईटी की क्लोजिंग रैंक जेंडर न्यूट्रल पूल से 9699 रही, जो कि आईआईटी बीएचयू की 5 वर्षीय फार्मास्यूटिकल इंजीनियरिंग की है। वहीं फीमेल पूल द्वारा 14593 रैंक वाली छात्रा को आईएसएम धनबाद की माइनिंग मशीनरी ब्रांच का आवंटन हुआ है।  साथ ही प्रथम राउण्ड में ही 10 लाख 63 हजार 199 रैंक वाले विद्यार्थी को एनआईटी का आवंटन हुआ। इस विद्यार्थी को एनआईटी मिजोरम की इलेक्ट्रीकल-इलेक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग ब्रांच होम स्टेट कोटे से मिली।
विद्यार्थी जिन्हें प्रथम राउण्ड सीट आवंटन में किसी भी कॉलेज का सीट आवंटन हुआ है, उन्हें 28 जून से 2 जुलाई के मध्य बनाए गए देश के 62 रिपोर्टिंग सेंटर पर रिपोर्ट करना होगा। ध्यान देने योग्य बात यह है कि विद्यार्थी जिन्हें प्रथम राउण्ड आवंटन में आईआईटी कॉलेजों का आवंटन हुआ है, उन्हें 17 आईआईटी में बनाए गए रिपोर्टिंग सेंटर पर ही एवं जिन्हें एनआईटी, ट्रिपलआईटी व जीएफटीआई के कॉलेजों का आवंटन हुआ है, उन्हें निर्धारित 45 एनआईटी व अन्य रिपोर्टिंग सेंटर पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट करना होगा। आवश्यक दस्तावेजों की सूची जोसा वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दी गई है। जिन विद्यार्थियों को प्रथम राउण्ड में सीट का आवंटन हुआ है, उन्हें रिपोर्टिंग सेंटर पर रिपोर्ट करना आवश्यक है, अन्यथा वे आगे की काउंसलिंग राउण्ड से बाहर हो जाएंगे।
विद्यार्थियों को रिपोर्टिंग सेंटर पर रिपोर्टिंग करते समय आवश्यक दस्तावेजों के साथ वेबसाइट पर दिए गए अण्डरटेकिंग फार्म को भी भरकर ले जाना होगा। इस अण्डरटेकिंग फार्म में विद्यार्थियों को फ्रीज, फ्लॉट व स्लाइड का विकल्प दिया गया है। यदि विद्यार्थी प्रथम राउण्ड में आवंटित सीट से संतुष्ट है और आगे के राउण्ड की काउंसलिंग में भाग नहीं लेना चाहता है तो फ्रीज विकल्प को चुन सकता है। साथ ही वह विद्यार्थी जो आगे की काउंसलिंग में भी भाग लेना चाहते हैं, उन्हें फ्लॉट एवं स्लाइड का विकल्प चुनना होगा। फ्लॉट विकल्प द्वारा विद्यार्थी को उसकी मिली हुई कॉलेज के ऊपर च्वाइस फिलिंग के दौरान कॉलेज वरीयता सूची में भरी हुई किसी भी कॉलेज की ब्रांच में एवं स्लाइड विकल्प द्वारा विद्यार्थी को उसकी मिली हुई कॉलेज के ऊपर कॉलेज वरीयता सूची में भरी हुई उसी कॉलेज की ब्रांच में जाने का मौका मिलेगा। जिन विद्यार्थियों को प्रथम राउण्ड में कॉलेज का आवंटन नहीं हुआ है, उन्हें किसी भी रिपोर्टिंग सेंटर पर जाने की आवश्यकता नहीं है, उन्हें आगे की काउंसलिंग राउण्ड का इंतजार करना होगा।

14 प्रतिशत फीमेल पूल आवंटन से छात्राओं को बड़ा फायदा 

इस वर्ष जोसा काउंसलिंग में प्रथम बार छात्राओं को सुपरन्यूमेरेरि 14 प्रतिशत फीमेल पूल से सीटें आवंटित की गई, जिसके अनुसार पीछे की रैंक वाली छात्राओं को भी फीमेल पूल से अपने द्वारा भरी गई कॉलेज ब्रांच वरीयता सूची के अनुसार शीर्ष आईआईटी की कोर ब्रांचों को चुनने का अवसर प्राप्त हुआ है। आंकड़ों के अनुसार ऐसा भी देखने में आया कि काफी पीछेiitiit रैंक होने पर भी छात्राओं को गत वर्षों के मुकाबले दुगनी रैंक होने पर भी उस ब्रांच कॉलेज का आवंटन हुआ है। उदाहरण स्वरूप सामान्य श्रेणी की 8113 रैंक वाली छात्रा को गत वर्ष 4605 रैंक पर आवंटित सीट प्राप्त हुई है। इसी प्रकार 2001 रैंक वाली छात्रा को गत वर्ष 816 रैंक पर आवंटित सीट मिली, जबकि गत वर्ष की यह रैकों पर यह आवंटन अंतिम काउंसलिंग राउण्ड का आवंटन था। इस वर्ष प्रथम राउण्ड में शीर्ष आईआईटी की सीएस ब्रांच के लिए मुम्बई की फीमेल पूल की क्लोजिंग रैंक 173, दिल्ली की 313, कानपुर की 576, मद्रास की 417, खड़गपुर 509, रूडकी 863 एवं गुवाहाटी 1256 रही।

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