जनवरी जेईई-मेन पर्सेन्टाइल एनटीए स्कोर पर ये है विकल्प

एनटीए द्वारा विद्यार्थियों के हित को देखते हुए पहली बार वर्ष में दो बार जेईई-मेन परीक्षा करवाने का निर्णय लिया गया। विद्यार्थियों द्वारा जनवरी व अप्रेल माह में परीक्षा देने के उपरान्त उनके अधिकतम एनटीए स्कोर के हिसाब से ही जेईई-मेन की ऑल इंडिया रैंक एवं जेईई-एडवांस्ड देने की पात्रता भी निर्धारित की जाएगी। साथ ही एक ही सत्र में दोनों परीक्षाएं देने पर भी जेईई-मेन परीक्षा देने का अटेम्प्ट एक ही गिना जाएगा। विद्यार्थी जिनका जनवरी जेईई-मेन परीक्षा में 99 पर्सेन्टाइल से ज्यादा एनटीए स्कोर बना है, उन्हें टॉप एनआईटी, तिरछी, वारंगल, सूरतकल, इलाहाबाद, जयपुर, कालीकट, सूरत, नागपुर, भोपाल, राउरकेला जैसे एनआईटी में कोर ब्रांच मिलने की संभावना रहेगी। विद्यार्थी जिनका पर्सेन्टाइल 98 से 99 के मध्य बना है, उन्हें टॉप एनआईटी की अन्य ब्रांचों के साथ-साथ जालंधर, कुरूक्षेत्र, जमशेदपुर, गोवा, अगरतला, हमीरपुर, दुर्गापुर जैसे एनआईटी में कोर ब्रांच मिलने की संभावना रहेगी। ऐसे विद्यार्थी जिनका पर्सेन्टाइल 97 से 98 के मध्य है, उन्हें टॉप 10 एनआईटी की कोर ब्रांचों के अतिरिक्त पटना, रायपुर, सिल्चर, उत्तराखंड, श्रीनगर, आंध्रप्रदेश, अरूणाचल प्रदेश जैसे एनआईटी की कोर ब्रांच के साथ-साथ ट्रिपलआईटी, इलाहाबाद, ग्वालियर, जबलपुर की कोर ब्रांच मिलने की संभावना बन सकती है। वहीं ऐसे विद्यार्थी जिनका पर्सेन्टाइल अब 94 से 97 के मध्य है, उन्हें टॉप 20 एनआईटी की कोर ब्रांच के अतिरिक्त अन्य ब्रांचों के साथ-साथ नए ट्रिपलआईटी जैसे, तिरछी, नागपुर, पूणे, सूरत, भोपाल, वडोदरा, लखनऊ, रांची, गुवाहाटी आदि में कोर ब्रांच मिलने की संभावनाएं रहेंगी। विद्यार्थी जिनका पर्सेन्टाइल 90 से 94 के मध्य है, उन्हें नोर्थ-ईस्ट के एनआईटी जैसे सिक्किम, मनीपुर, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम में कोर ब्रांचों के साथ-साथ, अन्य एनआईटी की लोअर ब्रांचें, नए ट्रिपलआईटी एवं जीएफटीआई में प्रवेश मिलने की संभावनाएं बन सकती है। ऐसे विद्यार्थी जिनका पर्सेन्टाइल 90 पर्सेन्टाइल से नीचे है, उन्हें आवश्यक रूप से ही जेईई-मेन अप्रेल परीक्षा देकर अपना स्कोर बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।

ये है पसंदीदा ब्रांचेंज

आज विद्यार्थियों में कोर ब्रांचों को लेकर क्रेज बरकरार है। इन कोर ब्रांचों में सबसे अधिक कम्प्यूटर साइंस ब्रांच को प्राथमिकता दी जाती है। विद्यार्थियों द्वारा कम्प्यूटर साइंस ब्रांच का चयन करने का प्रमुख कारण, इस ब्रांच के बढ़ते स्कोप के साथ-साथ बडे़ पैकेज पर अच्छी कंपनियों में नौकरियों का मिल जाना है। साथ ही इस ब्रांच द्वारा विद्यार्थी भविष्य में आगे की पढ़ाई के लिए देश-विदेश में अच्छे विकल्पों को चुन लेते हैं। विदेशी श्रेष्ठ संस्थानों द्वारा भी सीएस के विद्यार्थियों को चयन में प्राथमिकता मिल जाती है। विद्यार्थी कम्प्यूटर साइंस ब्रांच के साथ वेब डवलपर एवं सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, डाटा बेस एनालिस्ट, बिजनस एनालिस्ट, सिस्टम डिजाइनर एवं नेटवर्किंग इंजीनियर आदि क्षेत्रों में अपना कॅरियर बना सकते हैं। कम्प्यूटर साइंस के साथ’-साथ विद्यार्थी अन्य पसंदीदा ब्रांचे इलेक्ट्रीकल, इलेक्ट्रोनिक्स, मैथ्स एण्ड कम्प्यूटिंग, इलेक्ट्रोनिक्स एण्ड कम्यूनिकेशन, मैकेनिकल, इकोनोमिक्स, सिविल, एयरोस्पेस, एप्लाइड मैथेमेटिक्स, प्रोडक्शन एण्ड इण्डस्ट्रीयल, मैटलर्जी एवं पेट्रोलियम ब्रांचों को प्राथमिकता में चुनते दिखाई देते हैं।

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