जेईई-एडवांस्ड-2018 की रिपोर्ट जारी,कोटा के दम पर आईआईटी-दिल्ली जोन से सर्वाधिक चयन

आईआईटी मुम्बई टाॅपर्स की फिर पहली पसंद

देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रवेश परीक्षा जेईई-एडवांस्ड, जिसके माध्यम से 23 आईआईटी की 11279 सीटों पर प्रवेश मिलता है, गत वर्ष यह परीक्षा आईआईटी कानपुर द्वारा 20 मई को करवाई गई थी। ज्वाइंट इम्प्लीमेंटेशन कमेटी द्वारा जेईई-एडवांस्ड 2018 की 2164 पेज की रिपोर्ट रविवार रात को जारी कर दी गई।
जारी की गई रिपोर्ट में जेईई-एडवांस्ड 2018 की परीक्षा से जुड़े कई मुख्य तथ्य सामने आए हैं। जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार गत वर्ष जेईई-एडवांस्ड परीक्षा के लिए कुल 2 लाख 31 हजार 024 विद्यार्थियों को क्लीफाई किया गया था, जिसमें कुल 1 लाख 65 हजार 656 विद्यार्थियों ने जेईई-एडवांस्ड के लिए पंजीकरण करवाया, जिसमें से 31 हजार 988 विद्यार्थी इस परीक्षा के बाद आईआईटी में प्रवेश के लिए चयनित हुए। इन चयनित विद्यार्थियों में से 26 हजार 414 विद्यार्थियों ने जोसा कांउसलिंग में भाग लिया। जिन्होनें काउंसलिंग के दौरान 18 लाख 33 हजार 518 च्वाइसेज भरी। गत वर्ष प्रथम बार फीमेल स्टूडेंट्स को 15.34 प्रतिशत सीटों पर आवंटन हुआ। कुल 800 सीटें सुपर न्यूमेरेरी सीटों के रूप में आवंटित की गई। अतः आईआईटी की 11 हजार 279 सीटें एवं फीमेल पुल की 800 सुपर न्यूमेरेरी सीटें मिलाकर 12 हजार 059 सीटें आवंटित की गई, जिस पर 11961 विद्यार्थियों ने अंतिम फीस जमा करवाकर प्रवेश लिया। 28 प्रवासी, एक अप्रवासी एवं दो विदेशी विद्यार्थियों को भी सीटों का आवंटन हुआ है।
कोटा के दम पर ही दिल्ली
गत वर्ष कुल 31 हजार 988 विद्यार्थी जेईई-एडवांस्ड काउंसलिंग के लिए क्वालीफाई किए गए, इन क्वालीफाइ विद्यार्थियों में सबसे अधिक दिल्ली जोन के 8517 विद्यार्थी क्वालीफाई हुए, क्योंकि दिल्ली जोन में दिल्ली के अलावा सर्वाधिक राजस्थान के शहर शामिल होते हैं और इन शहरों से जेईई-एडवांस्ड परीक्षा देने के लिए सर्वाधिक विद्यार्थी कोटा से ही परीक्षा की तैयारी करते हैं। अतः इस वर्ष भी कोटा के दम पर ही दिल्ली जोन से सर्वाधिक स्टूडेंट्स आईआईटी में प्रवेश के लिए चयनित हए। चयनित होने के अलावा कुल आईआईटी में प्रवेश लेने वाले 11961 विद्यार्थियों में से सर्वाधिक अकेले दिल्ली जोन के 3331 विद्यार्थी रहे। जबकि दूसरे स्थान पर आईआईटी मद्रास जोन रहा, जहां से 2582 स्टूडेंट्स ने आईआईटी में प्रवेश लिया।

आईआईटी बोम्बे रहा पहली पसंद

जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार टाॅप 50 रैंक में से 47, टाॅप 100 में से 59, टाॅप 300 में 96 व टाॅप 500 में 130 एवं टाॅप 1000 में से 210 विद्यार्थियों की पहली पसंद आईआईटी बोम्बे रहा। वहीं बोम्बे के बाद आईआईटी दिल्ली दूसरी सबसे बेहतर पसंद रही, जिसमें टाॅप 50 रैंक में से 3, टाॅप 100 रैंक में से 30 तथा टाॅप 1000 रैंक में से 163 स्टूडेंट्स ने एडमिशन लिया। इसके बाद आईआईटी कानपुर एवं खड़गपुर विद्यार्थियों की पसंद रही, जिसके लिए टाॅप 1000 में से 130 एवं 104 बच्चों ने प्रवेश लिया। जबकि आईआईटी मद्रास टाॅप 1000 में से 89 प्रवेश के साथ पांचवे स्थान पर रहा। शुरूआती 1000 टाॅप रैंकिंग वाले स्टूडेंट्स के प्रवेश के आधार पर आईआईटी मद्रास के बाद आईआईटी गुवाहाटी, रूडकी, बीएचयू, हैदराबाद, इंदौर, गांधी नगर विद्यार्थियों की प्राथमिकता में रहे।

बोर्ड की यह रही स्थिति

जारी की गई रिपोर्ट में स्कूल बोर्ड के आंकड़े भी शामिल हैं, जिसके अनुसार आईआईटी में सीबीएसई बोर्ड के विद्यार्थियों ने सर्वाधिक प्रवेश लिया। कुल प्रवेशित विद्यार्थियों का 55.18 प्रतिशत विद्यार्थी इस बोर्ड से रहे। इसके उपरान्त तेलंगाना बोर्ड के 10.85 प्रतिशत एवं आंध्रा बोर्ड के 8.34 प्रतिशत, महाराष्ट्रा बोर्ड के 7.13 प्रतिशत एवं राजस्थान बोर्ड के 6.23 प्रतिशत विद्यार्थी रहे।

किसान परिवार की प्रतिभाएं भी रहीं आगे

रिपोर्ट के अनुसार आईआईटी में प्रवेशित विद्यार्थियों में बड़ी संख्या में किसान परिवार की प्रतिभाएं भी हैं। परीक्षा में 22133 विद्यार्थी शामिल हुए, इसमें से 8.21 प्रतिशत यानी 982 विद्यार्थियों ने आईआईटी में प्रवेश लिया। इसके अलावा सबसे ज्यादा सरकारी नौकरी में कार्यरत लोगों के परिवारों के विद्यार्थी रहे। कुल प्रवेशित में से 26.77 प्रतिशत विद्यार्थी ऐसे रहे जिनके परिजन सरकारी नौकरियों में है।
जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार आईआईटी मुम्बई, दिल्ली, कानपुर, खड़गपुर, मद्रास, गुवाहाटी, रूडकी की कोर ब्रांच जैसे कम्प्यूटर साइंस, इलेक्ट्रोनिक्स एण्ड कम्यूनिकेशन, इलेक्ट्रीकल, मैथेमेटिक्स एण्ड कम्प्यूटिंग, एयरोस्पेस एवं मैकेनिकल विद्यार्थियों की सर्वाधिक पसंद रही, क्योंकि इन ब्रांचों में विद्यार्थियों के लिए रोजगार के सर्वाधिक अवसर होते हैं एवं भविष्य में आगे की पढ़ाई के लिए भी अच्छे विकल्प खुल जाते हैं। प्रथम बार लागू किए गए 14 प्रतिशत फीमेल पुल कोटा से छात्राओं को सर्वाधिक प्राथमिकता में रहने वाली कम्प्यूटर साइंस ब्रांच आईआईटी बोम्बे की 173 रैंक पर तथा आईआईटी जम्मू की 7936 रैंक पर आवंटित हो गई। जबकि गत वर्षों में शुरूआती रैंक पर ही मिल पाती थी। इस वर्ष यह फीमेल पुल कोटा 14 से बढ़ाकर 17 प्रतिशत किए जाने से छात्राओं को और पीछे की रैंक तक भी कोर ब्रांच मिलने की संभावनाएं रहेंगी।

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