जेईई-मेन 2020 संपन्न,अंतिम दिन औसत रहे पेपर्स (Dated- 6 September)

पेपर एनालिसिस

बृजेश माहेश्वरी,
निदेशक, एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट
जेईई-मेन की शुक्रवार को भी कम्प्यूटर बेस्ड मोड पर दो पारियों में परीक्षा हुई। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के निदेशक बृजेश माहेश्वरी ने बताया कि एलन के सीसैट एप पर प्राप्त विद्यार्थियों के फीडबैक के अनुसार दोनों पारियों में पेपर आसान रहे। पहली पारी में फिजिक्स के कुछ सवालों में विद्यार्थी उलझे, इसके अलावा शेष पेपर आसान रहा, वहीं दूसरी पारी में भी पेपर ओवरआल आसान रहा। शनिवार को 1623 स्टूडेंट्स में से 939 स्टूडेंट्स उपस्थित रहे। 684 स्टूडेंट्स अनुपस्थित रहे। शिवज्योति इंटरनेशनल में सुबह की पारी में 412 में से 269 स्टूडेंट्स उपस्थित रहे। वहीं दूसरी पारी मंे 415 में से 220 उपस्थित रहे। इसी तरह ओम कोठारी में पहली पारी में 396 में से 236 तथा दूसरी पारी में 400 में से 234 उपस्थित रहे। 6 सितम्बर को अंतिम दिन परीक्षा समाप्त हो गई। एनटीए के अनुसार इस परीक्षा का परिणाम 11 सितम्बर को जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद 27 सितम्बर को जेईई-एडवांस्ड की परीक्षा होगी।

पहली पारी

सुबह की पारी में परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स से एलन के सीसैट एप पर प्राप्त फीडबैक के अनुसार सुबह की पारी का पेपर आसान और औसत के मध्य रहा एवं जेईई मेन्स ओरिएंटेड टॉपिक ये सवाल थोड़े अधिक लगे। तीनों विषयों के कुछ सवाल तो विषय की मूलभूत जानकारी से संबंधित थे। कुछ अन्य सवालों में लेंदी कैलकुलेशन से अधिक समय खर्च हुआ। फिजिक्स में पेपर औसत रहा जिसमें वर्नियर कैलिपर व लॉजिक गेट का ग्राफ से अच्छे सवाल है, इसी प्रकार कुछ सवाल पोटेंशियल एनर्जी की कैलकुलेशन वाले आए। मैथ्स में इंटीग्रेशन, डिफरेंशियल इक्वेशन, डिटेर्मिनेट्स , हाइट-डिस्टन्स, स्टैंडर्ड डेविएशन से सवाल पूछे गए। केमिस्ट्री में फिजिकल व ऑर्गेनिक केमिस्ट्री का वेटेज ज्यादा रहा, इनऑर्गेनिक से सवाल कम रहे। इसमें डी ब्लॉक व एफ ब्लाक व कोऑर्डिनेशन केमिस्ट्री का वेटेज ज्यादा रहा। फिजिकल में आयनिक इक्वलीब्रियम, काइनेटिक्स, गैसेज स्टेट, काॅलीगेटिव प्रोपर्टीज से सवाल थे। आर्गेनिक में डूमास मैथड, ऐरमैटिक एंड बायोमुलीक्यूल्स से कुछ स्तरीय सवाल आए।

दूसरी पारी

शाम की पारी में परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स से एलन के सीसैट एप पर प्राप्त फीडबैक के अनुसार पेपर में मैथ्स, फिजिक्स कठिन जबकि कैमेस्ट्री आसान रही। थ्योरिटीकल प्रश्न आसान थे जबकि न्यूमेरिकल पार्ट कठिन रहा, आॅब्जेक्टिव सवालों की तुलना में न्यूमेरिकल सेक्शन में सवाल थोड़े अच्छे लेवल के रहे। इससे पेपर लैंदी हो गया। ओवरऑल पेपर को स्तरीय कहा जा सकता था।

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