जेईई-मेन-2021, शुरू कर दें रियल टाइम प्रेक्टिस, टारगेट लेकर हल करे पेपर

इस बार जेईई-एडवांस्ड में शामिल होने के लिए चार मौके

देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन जिसकी पहली पारी 23 से 26 फरवरी के मध्य एनटीए द्वारा आयोजित करवाई जा रही है। कोविड को देखते हुए इस वर्ष यह परीक्षा चार बार करवाई जा रही है। ऐसे में विद्यार्थियों के पास फरवरी के साथ-साथ मार्च, अप्रेल और मई में भी परीक्षा में शामिल होने तथा एडवांस्ड की पात्रता सिद्ध करने के लिए चार मौके हैं।

जेईई-मेन फरवरी की परीक्षा अब कुछ दिनों बाद होने जा रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को इन बचे हुए दिनों में अपने आवंटित समय सुबह 9 से 12 या दोपहर 3 से 6 के अनुसार रियल टाइम प्रेक्टिस प्रारंभ कर देनी चाहिए। ऐसे में विद्यार्थियों को अपनी बॉडी की बॉयलोजिकल क्लॉक को परीक्षा समय के अनुरूप ढाल लेना चाहिए ताकि पेपर वाले दिन इस समय में किसी तरह का आलस्य का अनुभव नहीं हो और पूरे ध्यान से परीक्षा दे सकें। इस वर्ष जेईई-मेन पेपर 75 की जगह 90 प्रश्नों का होने जा रहा है, जिसमें एमसीक्यू के 60 एवं न्यूमेरिकल वैल्यु बेस्ड 30 प्रश्न पूछे जाएंगे। इनमें से न्यूमेरिकल वैल्यु बेस्ड 30 प्रश्नों में से 15 प्रश्न हल करने होंगे। विद्यार्थियों को इस बदले हुए पैटर्न के अनुसार ही निर्धारित समय में प्रश्न पत्र हल करने की कोशिश करनी चाहिए।
विद्यार्थियों को परीक्षा में प्रश्नों को हल करने के लिए समय सीमा का अवश्य ध्यान रखना चाहिए। साथ ही प्रश्नपत्र हल करने के लिए स्मार्ट टैक्नीक का उपयोग करना चाहिए, क्योंकि परीक्षा में सरल एवं कठिन प्रश्नों की मार्किंग स्कीम समान रहती है, ऐसे में विद्यार्थियों को परीक्षा में सर्वप्रथम सरल प्रश्नों को हल करके अपने आत्मविश्वास को बढ़ाना चाहिए और यदि कुछ प्रश्न टफ भी आते हैं तो धैर्य पूर्वक पूरे प्रश्नपत्र को हल करना चाहिए।विद्यार्थियों को इस समय अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए और नींद पूरी लेनी चाहिए।

ये नम्बर रेंज लेकर चलें स्टूडेंट्स

यदि विद्यार्थी जेईई मेन के 300 अंकों में से सामान्य श्रेणी का विद्यार्थी 100 से 120 अंक प्राप्त कर लेता है तो गत वर्षों के आंकलन के अनुसार जेईई-एडवांस्ड परीक्षा देने की पात्रता पूरी कर सकता है। इसके साथ ही यदि विद्यार्थी 130 से 160 अंक प्राप्त कर लेता है तो उसे किसी न किसी एनआईटी में कोर ब्रांच में प्रवेश का अवसर प्राप्त हो सकता है। यदि विद्यार्थी फरवरी में इस स्कोर तक नहीं पहुंच पाते हैं तो भी उनके पास अगले तीन अवसर होंगे, इसलिए किसी भी तरह से असमंजस या हड़बड़ाहट में आकर परीक्षा नहीं दें।

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